-
432
छात्र -
415
छात्राएं -
35
कर्मचारी4: 31
गैर-शैक्षिक: 153
परिकल्पना
- के. वि. सं. उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अपने छात्रों को ज्ञान/मूल्य प्रदान करने और उनकी प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता का पोषण करने में विश्वास रखता है।
उद्देश्य
- शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना है।
- स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और गति निर्धारित करने के लिए।
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आदि जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवाचारों को शुरू करना और बढ़ावा देना।
- राष्ट्रीय एकता की भावना का विकास करना और बच्चों में “भारतीयता” की भावना पैदा करना।

विद्यालय के बारे में
उत्पत्ति
के.वी. नंबर 3, भोपाल की स्थापना 01.04.2003 को 2 सेक्शन के साथ दसवीं कक्षा तक की गई थी। यह एक सिविल सेक्टर स्कूल है | वर्तमान में कलेक्टर, भोपाल श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, (आईएएस) हमारे अध्यक्ष हैं।
विद्यालय के दृष्टिकोण के बारे में
शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना| .
विद्यालय के उद्देश्य के बारे में
शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करना और गति निर्धारित करना। .
संदेश
श्री विकास गुप्ता, भा. प्र. से., आयुक्त
प्रिय विद्यार्थीगण, शिक्षकवृंद एवं अभिभावकगण,
केन्द्रीय विद्यालय संगठन के स्थापना दिवस–2025 पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ।
केन्द्रीय विद्यालय संगठन की असाधारण यात्रा, जिसकी शुरुआत 1963 में मात्र 20 रेजिमेंटल स्कूलों से हुई थी, आज 1289 केन्द्रीय विद्यालयों की विशाल श्रृंखला में विकसित हो चुकी है, जो उत्कृष्ट शिक्षा की ज्योति से राष्ट्र को आलोकित कर रही है।
श्रीमती शाहिदा परवीन
उपायुक्त
श्रीमती शाहिदा परवीन उपायुक्त केविएस, क्षेत्रीय कार्यालय, भोपाल संदेश प्रिय विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं समस्त केंद्रीय विद्यालय परिवार, सप्रेम नमस्कार। केंद्रीय विद्यालय संगठन, भोपाल संभाग की वेबसाइट पर आप सभी का हार्दिक स्वागत है। यह प्लेटफ़ॉर्म न केवल सूचना और संसाधनों का केंद्र है, अपितु यह हमारे साझा शैक्षिक दृष्टिकोण, मूल्यों और प्रयासों का प्रतिबिंब भी है। मुझे यह संदेश साझा करते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है कि केंद्रीय विद्यालय संगठन, भोपाल संभाग, केविसं (मु०) नई दिल्ली के दिशा-निर्देशन में निरंतर राष्ट्रीय शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता के उच्चतम मानदंडों को स्थापित करने के अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर है। भारत जैसे विविधता-सम्पन्न देश में शिक्षा केवल ज्ञान का माध्यम नहीं है, यह सामाजिक समरसता, नैतिक मूल्यों, और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध की भावना का संवाहक भी है। केंद्रीय विद्यालय संगठन की स्थापना 1963 में भारत सरकार द्वारा इस उद्देश्य से की गई थी कि सैनिकों, अर्धसैनिक बलों, केंद्रीय कर्मचारियों और अन्य स्थानांतरणीय कर्मचारियों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, सतत और एकसमान शिक्षा प्रदान की जा सके। आज KVS न केवल भारत में, बल्कि विदेशों में भी शिक्षा की एक सशक्त शृंखला बन चुका है, जिसमें लाखों विद्यार्थी अध्ययनरत हैं और हजारों शिक्षक उन्हें ज्ञान, संस्कार और जीवन के मूल्य सिखा रहे हैं। हमारे देश की नई शिक्षा नीति (NEP 2020) शिक्षा प्रणाली में आमूलचूल परिवर्तन का आह्वान करती है। यह केवल पाठ्यक्रम और परीक्षा प्रणाली में सुधार की बात नहीं करती, बल्कि यह समावेशी, बहु-विषयक, और छात्र-केंद्रित शिक्षा की बात करती है। KVS ने NEP 2020 के मार्गदर्शक सिद्धांतों को अपनाते हुए कई महत्त्वपूर्ण पहलें प्रारंभ की हैं: • Foundational Literacy and Numeracy (FLN) को प्राथमिक कक्षाओं में लागू करना। • बहु-भाषिकता को प्रोत्साहन देना। • कला एकीकरण (Art Integration) और खेल आधारित शिक्षा (Sports Integration) को कक्षा शिक्षण में समाहित करना। 21वीं सदी के कौशल जैसे कि आलोचनात्मक सोच, समस्या समाधान, रचनात्मकता और डिजिटल साक्षरता पर बल देना। ये सभी प्रयास विद्यार्थियों को न केवल परीक्षा के लिए, बल्कि जीवन के लिए तैयार करने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं। हमारे कार्यरत शिक्षकगण न केवल ज्ञान के दाता हैं, बल्कि वे एक संरक्षक, मार्गदर्शक और प्रेरक की भूमिका भी निभाते हैं। एक शिक्षक की भूमिका अब केवल पाठ्यक्रम पढ़ाने तक सीमित नहीं रह गई है। वे विद्यार्थियों में जिज्ञासा उत्पन्न करते हैं, उन्हें आत्म-शिक्षण के लिए प्रेरित करते हैं, और एक उत्तरदायी नागरिक के रूप में ढालते हैं। हमारे शिक्षकगण निरंतर प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कार्यशालाओं और नवाचारों के माध्यम से अपने शिक्षण को अद्यतन और प्रभावी बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमें गर्व है कि हमारे विद्यालयों में ऐसे शिक्षक कार्यरत हैं, जो बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर समर्पित रहते हैं। KVS के विद्यार्थी पूरे देश में अपनी योग्यता, अनुशासन और नैतिक मूल्यों के लिए पहचाने जाते हैं। विभिन्न बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन, विज्ञान, खेल, कला, और संस्कृति के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ, तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर KVS के छात्रों की उपस्थिति हमें गर्व से भर देती है। हमारा प्रयास है कि हर विद्यार्थी की विशेषताओं और रुचियों को समझते हुए उन्हें उस दिशा में अवसर प्रदान किए जाएँ, ताकि वे अपनी पूरी क्षमता तक पहुँच सकें। विद्यालयों में अब केवल किताबी ज्ञान पर ज़ोर नहीं, बल्कि समग्र विकास (Holistic Development) को प्राथमिकता दी जा रही है। वर्तमान युग डिजिटल क्रांति का युग है। शिक्षा भी इससे अछूती नहीं रही है। विशेष रूप से COVID-19 महामारी के दौरान, KVS ने तकनीक को अपनाते हुए ऑनलाइन शिक्षा के क्षेत्र में सराहनीय पहल की। हमने ई-कंटेंट, वर्चुअल क्लासरूम्स, शिक्षकों द्वारा बनाए गए डिजिटल संसाधन, और स्वयं पोर्टल जैसे प्लेटफॉर्म्स को प्रभावी रूप से अपनाया। भविष्य में भी हम तकनीक के माध्यम से शिक्षण और अधिगम को और अधिक रोचक, समावेशी और प्रभावशाली बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, हमारे विद्यालयों में नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए ATL (Atal Tinkering Labs), Coding Clubs, Robotics Workshops जैसी गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। KVS प्रशासनिक और शैक्षणिक गतिविधियों में पारदर्शिता, जवाबदेही और सामुदायिक सहभागिता को अत्यंत महत्त्व देता है। विद्यालय प्रबंधन समितियों में अभिभावकों की भागीदारी, विद्यालय स्तर पर खुली बैठकों का आयोजन, और अभिप्राय संग्रहण की प्रक्रिया हमें हमारी कार्यप्रणाली में सुधार के लिए मार्गदर्शन प्रदान करती है। हम अभिभावकों से अनुरोध करते हैं कि वे विद्यालय की गतिविधियों में सक्रिय भाग लें, शिक्षकों से संवाद बनाए रखें और अपने बच्चों को सकारात्मक वातावरण प्रदान करें। KVS का लक्ष्य न केवल अकादमिक उत्कृष्टता है, बल्कि ऐसी शिक्षा व्यवस्था का निर्माण करना है जो: • विद्यार्थियों को वैश्विक नागरिक बनाए, • उनमें संवेदनशीलता और सहानुभूति का भाव विकसित करे, • उन्हें नवाचार और उद्यमिता की ओर प्रेरित करे, • तथा भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को आत्मसात करते हुए आधुनिक तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना सिखाए। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हमारे विद्यालय “ज्ञान, चरित्र और सेवा” के त्रिसूत्रीय मंत्र को आत्मसात करें और एक ऐसे भारत के निर्माण में योगदान दें जो शिक्षित, सशक्त और समृद्ध हो। अंत में, मैं सभी विद्यार्थियों को यह संदेश देना चाहती हूँ कि अपने सपनों को साकार करने के लिए कठोर परिश्रम, अनुशासन और आत्म-विश्वास को अपना साथी बनाइए। हर चुनौती आपके लिए एक अवसर है, और हर असफलता सीखने की एक सीढ़ी। शिक्षकों से अपेक्षा करती हूँ कि वे विद्यार्थियों के जीवन को मूल्यवान और अर्थपूर्ण बनाने में अपनी भूमिका को दृढ़ता से निभाएँ। अभिभावकों से अनुरोध है कि वे विद्यालय के साथ मिलकर एक सशक्त भविष्य निर्माण में सहयोग करें। आइए, हम सब मिलकर एक ऐसे शैक्षिक वातावरण का निर्माण करें जहाँ प्रत्येक विद्यार्थी स्वाभिमानी, सक्षम और संवेदनशील नागरिक बनकर राष्ट्र की सेवा में अपना योगदान दे सके। धन्यवाद। (शाहिदा परवीन) उपायुक्त केंद्रीय विद्यालय संगठन भोपाल संभाग
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श्री जितेंदर सिंह रावत
प्राचार्य
प्राचार्य का संदेश प्रिय अभिभावकों एवं शिक्षकों, बच्चे हमारे समाज का दर्पण हैं और उनका समग्र विकास इस बात पर निर्भर करता है कि हम उन्हें कैसा वातावरण प्रदान करते हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के दूरदर्शी 5+3+3+4 पाठ्यचर्या ढाँचे के अंतर्गत हमारा विद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु चार महत्वपूर्ण चरणों में शिक्षण-अधिगम की प्रक्रिया संचालित करता है। फाउंडेशन स्टेज में खेल-आधारित गतिविधियों के माध्यम से बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (FLN) विकसित किया जाता है। प्रिपरेटरी स्टेज में भाषा एवं गणितीय दक्षताओं को सुदृढ़ किया जाता है, जबकि मिडल स्टेज में अनुभवात्मक अधिगम (Experiential Learning) के माध्यम से जिज्ञासा, अन्वेषण और अवधारणात्मक समझ को प्रोत्साहित किया जाता है। सेकेंडरी स्टेज में आलोचनात्मक चिंतन, सृजनात्मकता, समस्या-समाधान क्षमता तथा जीवनोपयोगी कौशलों के विकास पर विशेष बल दिया जाता है। इस शैक्षिक यात्रा में शिक्षकों की भूमिका केवल पाठ्यक्रम पूर्ण करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे प्रत्येक विद्यार्थी की विशिष्ट सीखने की गति और क्षमता का सम्मान करते हुए उसके मार्गदर्शक एवं प्रेरणास्रोत बनते हैं। वे विद्यार्थियों को केवल जानकारी प्राप्त करना नहीं, बल्कि सोचने, समझने, प्रश्न करने और नवाचार करने की कला सिखाते हैं। दूसरी ओर, अभिभावक बच्चों के प्रथम शिक्षक एवं सबसे महत्वपूर्ण सहयोगी होते हैं। घर पर सकारात्मक संवाद, प्रेरणादायी वातावरण तथा विद्यालय के साथ सतत समन्वय बच्चों के शैक्षणिक, भावनात्मक और सामाजिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF) के बदलते परिप्रेक्ष्य में आइए हम सभी मिलकर शिक्षा को एक साझा उत्तरदायित्व के रूप में स्वीकार करें। शिक्षक और अभिभावक के संयुक्त प्रयासों से हम पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 3, भोपाल के प्रत्येक विद्यार्थी को भारतीय संस्कृति एवं मूल्यों से समृद्ध, आधुनिक ज्ञान एवं तकनीकी दक्षताओं से सुसज्जित तथा आत्मविश्वासी, संवेदनशील और उत्तरदायी नागरिक के रूप में विकसित कर सकते हैं। “आइए, हम सब मिलकर प्रत्येक बच्चे को सीखने, बढ़ने और उत्कृष्टता प्राप्त करने के अवसर प्रदान करें, ताकि वह अपने उज्ज्वल एवं समृद्ध भविष्य का निर्माण कर सके।” सादर शुभकामनाओं सहित, प्राचार्य
और पढ़ेंअद्यतनीकरण
- कक्षा 10 एवं 12 प्रवेश सूचना 2026-27
- कक्षा X (XI, XII कॉमर्स) के लिए ऑफ़लाइन पंजीकरण फ़ॉर्म 2026-27
- कक्षा X (XI, XII कॉमर्स) में प्रवेश के लिए आवश्यक दस्तावेजों की सूची
- कक्षा X, (XI, XII वाणिज्य) में रिक्त सीटों पर प्रवेश के संबंध में सूचना
- कक्षा XI में प्रवेश के लिए अनंतिम चयन सूची 2026–27
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शैक्षणिक योजनाकार
अकादमिक योजनाकार 2024-25 पूरे सत्र में आयोजित की जाने वाली गतिविधियों का प्रतिबिंब है।
शैक्षिक परिणाम
शैक्षणिक परिणाम विद्यालय में छात्रों की उपलब्धियों की प्रगति को दर्शाता है।
बाल वाटिका
केवी नंबर 3 शिफ्ट - II में बालवाटिका 3 नहीं चल रही है।
निपुण लक्ष्य
निपुण भारत का पूरा नाम नेशनल इनिशिएटिव फॉर प्रोफिशिएंसी इन रीडिंग विद अंडरस्टैंडिंग एंड
शैक्षणिक हानि कार्यक्रम का मुआवजा (सीएएलपी)
केन्द्रीय विद्यालय संगठन ईबीएसबी कार्यक्रम के तहत विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से राष्ट्रीय एकता
अध्ययन सामग्री
केवीएस एक संगठन है जो भारत में केंद्रीय सरकारी स्कूलों का प्रबंधन करता है। केवीएस ने अध्ययन
कार्यशालाएँ एवं प्रशिक्षण
भोपाल क्षेत्र के नवनियुक्त 50 प्राथमिक शिक्षकों के लिए दो दिवसीय इंडक्शन कोर्स 15 एवं 16 अप्रैल
विद्यार्थी परिषद
विद्यार्थियों में नेतृत्व की गुणवत्ता विकसित करने के लिए केवी क्रमांक 3 भोपाल में विद्यार्थी परिषद का
अपने स्कूल को जानें
हमारा स्कूल दानिश नगर भोपाल में स्थित है। हमारा विद्यालय के.वी. नंबर 3, भोपाल की स्थापना
अटल टिंकरिंग लैब
अटल इनोवेशन मिशन पूरे भारत के स्कूलों में अटल टिंकरिंग प्रयोगशालाएँ (एटीएल) स्थापित कर रहा है।
डिजिटल भाषा लैब
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 3 भोपाल एक डिजिटल भाषा प्रयोगशाला से सुसज्जित है।
आईसीटी - ई-क्लासरूम एवं प्रयोगशालाएँ
विद्यालय में इंटरैक्टिव टच पैनल, प्रोजेक्टर और स्मार्ट बोर्ड और ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी से सुसज्जित लैब,
पुस्तकालय
सीबीएसई के दिशानिर्देशों के अनुसार छात्रों और कर्मचारियों की शैक्षिक और व्यक्तिगत जरूरतों को
प्रयोगशालाएँ - भौतिकी/रसायन विज्ञान/जीवविज्ञान
विद्यालय में दूसरी पाली में केवल कॉमर्स स्ट्रीम है।
भवन एवं बाला पहल
शिक्षण सहायता के रूप में भवन निर्माण, जिसे आम तौर पर BALA के नाम से जाना जाता है
खेल अवसंरचना (खेल के मैदान)
विद्यालय में छात्रों के मनोरंजन और खेल गतिविधियों को पूरा करने के लिए एक अच्छी तरह से विकसित
एसओपी/एनडीएमए
विद्यालय में एक प्रभावी अग्नि सुरक्षा प्रणाली के साथ-साथ भवन में नियमित दूरी पर अग्निशामक यंत्र
खेल
विद्यालय के बच्चे क्षेत्रीय खेल प्रतियोगिता, राष्ट्रीय और यहां तक कि एसजीएफआई में सभी स्तरों पर पूरे
एनसीसी/स्काउट एवं गाइड
विद्यालय में एक संपन्न B.S&G इकाई है।
शिक्षा भ्रमण
विद्यालय ने पीएम श्री योजना के तहत शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया।
ओलम्पियाड
पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक 3 भोपाल में हम एसओएफ द्वारा निर्धारित विभिन्न विषयों में
प्रदर्शनी - एनसीएससी/विज्ञान/आदि
पीएम श्री केवी नंबर 3 भोपाल छात्रों को विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से वैज्ञानिक योग्यता दिखाने
एक भारत श्रेष्ठ भारत
एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य/केंद्रशासित प्रदेश की जोड़ी की अवधारणा के माध्यम
हस्तकला या शिल्पकला
कला शिक्षा छात्रों में रचनात्मकता और कल्पनाशीलता का पोषण करती है।
मजेदार दिन
आनंदवर दिवस KVS (केंद्रीय विद्यालय संगठन) स्कूलों में पहली से 5वीं कक्षा के छात्रों के लिए मनाया
युवा संसद
छात्रों को लोकतांत्रिक मूल्यों के बारे में जागरूक करने और उन्हें संसदीय प्रक्रिया में शिक्षित करने के
पीएम श्री स्कूल
पीएम श्री स्कूल भारत सरकार द्वारा एक केंद्र प्रायोजित योजना है।
कौशल शिक्षा
कौशल शिक्षा व्यावहारिक कौशल प्रदान करने पर केंद्रित है जो वास्तविक दुनिया की स्थितियों पर सीधे
मार्गदर्शन एवं परामर्श
छात्रों के समग्र विकास को पूरा करने के लिए, हमने नियमित मार्गदर्शन और परामर्श सत्र आयोजित किया
सामाजिक सहभागिता
हम विद्यालय के प्रभावी कामकाज के साथ-साथ छात्रों के समग्र विकास में समुदाय द्वारा निभाई जा सकने
विद्यांजलि
विद्यांजलि भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा देश भर के स्कूलों में सामुदायिक और निजी क्षेत्र की
प्रकाशन
प्रकाशन एक मीडिया आउटलेट है जैसे कि एक शैक्षणिक संस्थान में छात्रों द्वारा उत्पादित समाचार
समाचार पत्र
हम आपके समक्ष उन गतिविधियों की झलकियाँ प्रस्तुत करते हैं जो हमने अपने युवा जागृत दिमागों के
विद्यालय पत्रिका
विद्यालय पत्रिका या स्कूल पत्रिका एक दस्तावेज़ है जो विद्यालय की हर प्रमुख घटना का खुलासा करती है।
देखें क्या हो रहा है ?
छात्रों के बारे में समाचार और कहानियाँ, और पूरे स्कूल में नवाचार
उपलब्धियाँ
शिक्षक
विद्यार्थी
नवप्रवर्तन
कौशल प्रशिक्षण
श्रेष्ठ विद्यालय टॉपर्स
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा दसवीं और बारहवीं कक्षा
10वीं कक्षा
12वीं कक्षा
विद्यालय परीक्षा परिणाम
सत्र 2023-24
कुल विद्यार्थी 67 उत्तीर्ण विद्यार्थी 67
सत्र 2022-23
कुल विद्यार्थी 65 उत्तीर्ण विद्यार्थी 61
सत्र 2021-22
कुल विद्यार्थी 80 उत्तीर्ण विद्यार्थी 76
सत्र 2020-21
कुल विद्यार्थी 94 उत्तीर्ण विद्यार्थी 94
सत्र 2023-24
कुल विद्यार्थी 18 उत्तीर्ण विद्यार्थी 17
सत्र 2022-23
कुल विद्यार्थी 35 उत्तीर्ण विद्यार्थी 28
सत्र 2021-22
कुल विद्यार्थी 36 उत्तीर्ण विद्यार्थी 36
सत्र 2020-21
कुल विद्यार्थी 30 उत्तीर्ण विद्यार्थी 30